अल्लाह की पनाह (शरण) मांगा करो आज़माइश (आफत) की दुश्वारी से

ह़ज़रत अबू हुरैरा कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "अल्लाह की पनाह (शरण) मांगा करो आज़माइश (आफत) की दुश्वारी, बदबखती की पस्ती, बुरे अंत और दुश्मन के (अपने ऊपर) हंसने से।"

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
459
अल्लाह से दुआ़ मांगो और इस यक़ीन के साथ मांगो कि तुम्हारी दुआ़ जरूर कबूल होगी।

ह़ज़रत अबू हुरैरा रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "अल्लाह से दुआ़ मांगो और इस यक़ीन के साथ मांगो कि तुम्हारी दुआ़ जरूर कबूल होगी। और (अच्छी तरह) जान लो कि अल्लाह बेपरवाही से मांगी हुई गफलत में पड़े दिल की दुआ़ कुबूल नहीं करता है।"

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
488
मैंने ज़ुल्म को अपने ऊपर ह़राम क़रार दिया है।

मैंने ज़ुल्म को अपने ऊपर ह़राम क़रार दिया है।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
545
सच को मज़बूती से पकड़ो।

सच को मज़बूती से पकड़ो।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
450
हुकूमत मत मांगो।

ह़ज़रत अ़ब्दुर्रह़मान बिन समुरह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने मुझसे फ़रमाया: "ए अ़ब्दुर्रह़मान बिन समुरह! हुकूमत मत मांगना। क्योंकि अगर यह तुम्हें मांगने पर मिली तो तुम इस के हवाले कर दिए जाओगे (यानी इस के सिलसिले में अल्लाह की तरफ से मदद ना होगी) लेकिन अगर बिना मांगे तुम्हें यह दी गई तो इसमें तुम्हारी मदद की जाएगी। और अगर तुम किसी बात पर क़सम खा लो और फिर उसके अलावा दूसरी चीज़ में भलाई देखो तो अपनी कसम तोड़ कर उसका कफ्फारा अदा कर दो और वह करो जिसमें भलाई हो।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
526
ए अल्लाह! मैं परेशानी और गम से तेरी पनाह चाहता हूँ

ए अल्लाह! मैं परेशानी और गम से तेरी पनाह चाहता हूँ 

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
613
जब तुम बीमार या मैयत के पास जाओ तो अच्छी बात कहो।

जब तुम बीमार या मैयत के पास जाओ तो अच्छी बात कहो।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
507
मुर्दों को गाली मत दो।

ह़ज़रत आ़एशा रद़ियल्लाहु अ़न्हा कहती हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "मुर्दों को गाली मत दो क्योंकि वह अपने किए को पहुंच गए हैं।" 

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
526
बुखार को बुरा मत कहो। क्योंकि यह आदम की औलाद के गुनाहों को इस तरह दूर कर देता है जिस तरह भट्टी लोहे की जंग को दूर कर देती है।

बुखार को बुरा मत कहो। क्योंकि यह आदम की औलाद के गुनाहों को इस तरह दूर कर देता है जिस तरह भट्टी लोहे की जंग को दूर कर देती है।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
389
तुम्हारे भाई तुम्हारे नौकर हैं।

तुम्हारे भाई तुम्हारे नौकर हैं।

Muhammad Bakr Ismail Muhammad Bakr Ismail
435
पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का नामकरण

पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का नामकरण

Islam House Islam House
414
पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की प्रथम बरकतें

पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की प्रथम बरकतें 

Islam House Islam House
569